Times Watch
देश दुनिया
“रखे हर ख़बर पर पैनी नज़र — हम ख़बरों में से ख़बर निकालते हैं, बाल की खाल की तरह”
✨ ये हैं ‘मदरसे वाला’ — जिसने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया
लल्लनटॉप की बहस से लेकर एलन मस्क के बयान तक, सवाल एक ही है
✍️ रिजवान की कलम
Times Watch | देश दुनिया
ये एक मदरसे वाला है।
वही मदरसे वाला, जिसे सोशल मीडिया के नीच भक्त कभी पंचर वाला, कभी कट्टर, कभी दक़ियानूसी कहकर हँसी उड़ाते हैं।
लेकिन हकीकत यह है कि आज वही मदरसे वाला दुनिया के सबसे तेज़ दिमाग़ों को सोचने पर मजबूर कर रहा है।
अभी दो दिन पहले, भारत के एक डिजिटल मंच The Lallantop पर
Javed Akhtar और
Qari Nadvi
के बीच ईश्वर की मौजूदगी और ग़ैर-मौजूदगी पर बहस हुई।
और लगभग उसी वक़्त, हज़ारों किलोमीटर दूर, दुनिया का सबसे ताक़तवर टेक उद्यमी
Elon Musk
“Creator” और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर बोलता है।
इत्तेफ़ाक़?
नहीं।
यह सोच की हार और मदरसे वाले की जीत है।
🧠 सवाल उठाने वाला शायर
जावेद अख़्तर सवाल करते हैं —
अगर हर चीज़ का बनाने वाला है, तो उस बनाने वाले को किसने बनाया?
यह वही तर्क है जिसे भक्त जमात “बुद्धिजीवी बकवास” कहकर खारिज कर देती है,
लेकिन मदरसे वाला इसे सुनता है, समझता है और जवाब देता है —
गाली देकर नहीं, दलील देकर।
🕌 जवाब देने वाला मदरसे वाला
कारी नदीवी साहब कोई भीड़ भड़काने नहीं आए।
उन्होंने न किसी को काफ़िर कहा,
न किसी को ग़द्दार।
उन्होंने बस इतना कहा —
क़ायनात का होना ही इस बात की दलील है कि कोई पहला कारण है, कोई ख़ालिक़ है।
यही वह मदरसे वाला है
जिसे भक्त पिछड़ा कहते हैं,
लेकिन जो तर्क, तहज़ीब और ठहराव के साथ बात रखता है।
🚀 और अचानक एलन मस्क
अब ज़रा तस्वीर और साफ़ कीजिए।
वही सवाल — ब्रह्मांड कहाँ से आया?
एलन मस्क कहते हैं:
“I believe this universe came from something. People have different labels.”
यह कोई मौलवी नहीं,
यह कोई धर्मगुरु नहीं,
यह वह शख़्स है जिसने स्पेस और AI की दुनिया बदल दी।
✊ स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए
Times Watch देश दुनिया किसी सत्ता का प्रवक्ता नहीं, किसी कॉरपोरेट का प्रचारक नहीं। यहाँ ख़बरें डर से नहीं, ज़िम्मेदारी से लिखी जाती हैं।
अगर आपको लगता है कि सवाल पूछने वाली यह आवाज़ ज़िंदा रहनी चाहिए, तो आप हमारा साथ दे सकते हैं — दान नहीं, साझेदारी के तौर पर।
UPI ID: rizwanbsiipl@okaxis
👉 UPI से सहयोग करने के लिए यहाँ क्लिक करें
आपकी भागीदारी हमें किसी के आगे झुकने से बचाती है।
और वह भी वहीं आकर रुकता है —
जहाँ मदरसे वाला सदियों से खड़ा है।
🔥 भक्तों के लिए सबसे बड़ा झटका
अब सोचिए,
जिसे आप पंचर वाला कहते हैं,
जिसे आप मदरसे का अनपढ़ कहते हैं,
उसी की बात आज
- शायर सुन रहा है
- टेक्नोलॉजिस्ट मान रहा है
- और पूरी दुनिया उस पर बहस कर रही है
लेकिन भक्त?
वह आज भी गाली पर अटका है।
✨ निचोड़ — असली डर क्या है?
डर इस बात का नहीं है कि मदरसे वाला नमाज़ पढ़ता है।
डर इस बात का है कि
वह सोचता भी है
और सोचने पर मजबूर भी करता है।
यही वजह है कि उसे
नामों से नवाज़ा जाता है,
हक़ से नहीं।
🧭 आख़िरी बात
आज सवाल यह नहीं है कि
ईश्वर है या नहीं।
आज सवाल यह है कि
जिसे नीच भक्त पंचर वाला कहकर गाली देते हैं,
वही मदरसे वाला अगर दुनिया की सबसे बड़ी बहस का केंद्र बन जाए —
तो शर्म किसे आनी चाहिए?
सोचिए।
क्योंकि सोच अब
मदरसे से निकलकर
सिलिकॉन वैली तक पहुँच चुकी है।

Post a Comment