📰Times Watch - दम तोड़ते सच को बचाने की कोशिश,
30 अगस्त 2025
📰नई दिल्ली
🛑पटना में पानीपत की जंग: कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्त्ता लट्ठ पत्थरों के योद्धा बने,
लокаशन: सदाकत आश्रम / कांग्रेस कार्यालय, पटना, बिहार
तारीख: 29 अगस्त 2025 (रिपोर्टिंग और वायरल वीडियो इसी दिन)।
1) बात क्या हुई — एक लाइन में
बिहार की राजधानी पटना में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच बड़े पैमाने पर झड़प हुई — झंडों और पोस्टरों से शुरू हुई भिड़ंत जल्दी ही लाठी-पत्थर की भिड़ंत में बदल गई; घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
2) घटनाक्रम
- दोपहर: कांग्रेस के ‘Voter Adhikar Yatra’ और उससे जुड़ी विवादित घटनाओं के बाद (दरभंगा में कथित अपशब्द वाली घटना) माहौल गरम था; भाजपा नेताओं ने पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन रखा।
- मध्य-दोपहर: विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए — एक पक्ष बोला कि दूसरे ने अपशब्द बोले/पोस्टर फाड़े, दूसरा बोला कि पहले पत्थरबाजी/प्र provocation हुई। (यहाँ से भिड़ंत तेज़ हुई)।
- भिड़ंत तेज़: सोशल वीडियो में साफ़ दिखता है कि लोग लाठियाँ और झंडे लेकर आमने-सामने हैं; कुछ स्थानों पर पत्थरबाज़ी और तोड़फोड़ भी दर्ज हुई। पुलिस ने बीचबचाव के प्रयास किए।
- रात तक: गिरफ्तारियों और मामलों की सूचना कुछ हिस्सों में आई; Darbhanga में उस शख्स की गिरफ्तारी भी सामने आई जिसका कथित रूप से अपशब्द आरोप से जुड़ा मामला था — यह तनाव का एक कारण बना।
3) आँखों -देखी में (प्रमुख दृश्य)
- बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, दोनों तरफ़ से झंडे उठाकर धक्कामुक्की।
- कई स्नैप्स में लोग लाठियों से आपस में वार करते दिखे; कुछ वीडियो न्यूज चैनलों और री-रिल्स पर वायरल।
- कांग्रेस कार्यालय के बाहर कथित तोड़फोड़ और ग्यानस्थल पर पोस्टर फाड़े जाने/ट्रक शीशा टूटने जैसी घटनाएँ की रिपोर्टें भी आईं।
4) पुलिस-प्रतिक्रिया और गिरफ्तारी
- पुलिस ने मौके पर पहुँचकर भीड़ को नियंत्रित किया; Darbhanga में उस युवक (अभद्र भाषा वाले) की गिरफ्तारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स में बताई गई है — इस घटना ने पूरे माहौल को और भड़काया। (पटना में भी कुछ मुक़दमों/शिकायतों की बात स्टेटमेंट्स में आईं)।
5) राजनीतिक बयान और आरोप-प्रत्यारोप
- BJP: आरोप लगाया कि कांग्रेस की सभा/चरित्र ने राष्ट्र-हित और शालीनता को तार-तार किया; भाजपा कार्यकर्ता न्याय की मांग करने आए थे पर उन पर हमला किया गया।
- CONGRESS: आरोप लगाया कि भाजपा ने विरुद्ध-प्रदर्शन को उकसाया और उनकी दफ्तर पर हमला किया; दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सबसे पहले उकसाने के आरोप लगा रहे हैं।
- राज्य/केंद्रीय चेहरे (जैसे Nitish / Amit Shah) ने घटना और अपशब्द-कांड पर कड़ा रुख या निंदा दर्ज करवाई/मांग की — इससे राजनीतिक तापमान और बढ़ा।
6) स्थानीय असर (लोग-जन, ट्रैफ़िक, बाजार)
- घटना के कारण आसपास के बाजार और दुकानें बंद रहीं; कई सड़कें जाम रहीं और लोगों को रूट बदलना पड़ा। राहगीरों और ऑफिस वालों में दहशत का माहौल बना। (लाइव फुटेज और स्थानीय रिपोर्ट में यह साफ़ दिखा)।
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