📰Times Watch - दम तोड़ते सच को बचाने की कोशिश,
29 अगस्त 2025
📰नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों पर राजनीतिक घमासान मच गया है।
लगभग 7 वर्षों बाद मोदी की पहली चीन यात्रा होगी। वे तियानजिन में SCO सम्मेलन में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। यह कदम अमेरिकी टैरिफ़ के बीच भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को दिखाता है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “मोहन भागवत को भारतीय महिलाओं पर ‘तीन बच्चों’ का सिद्धांत थोपने का कोई अधिकार नहीं है।”
ओवैसी ने आगे कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है और किसी को भी इस तरह से निजी जीवन में दखल देने का हक नहीं है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सोच महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों के खिलाफ है।
राजनीतिक हलकों में अब इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। जहां विपक्षी दल इसे “महिलाओं की आज़ादी पर हमला” बता रहे हैं, वहीं भाजपा खेमे में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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