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Fact-Check: RB (490K) नाम की नफरती ID के 2 झूठे वीडियो EXPOSED - मुंबई और बांग्लादेश

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RIZWAN AHMED | INVESTIGATIVE JOURNALISM
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"सच ढूंढ कर लाएं चाहे झूठ पाताल में हो"
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AGRA | NEW DELHI | [DATE]
OWNER / EDITOR: RIZWAN AHMED
FACT-CHECK • INVESTIGATION

एक ही ID से दो बड़े झूठ - मुंबई गणपति और बांग्लादेश वीडियो का पोस्टमार्टम

By Rizwan Ahmed | Jumla Times | 21 September 2026 | Fact-Check Report
⚠️ दावा: Instagram पर Report Bharat (490K Followers, 19.2K Posts) नाम की ID पर दो वीडियो वायरल हैं जो हिंदू-मुस्लिम नफरत फैला रहे हैं। हमने दोनों की पड़ताल की।

Case 1: मुंबई - "मस्जिद के आगे DJ बर्दाश्त नहीं, गणपति पंडाल के सामने मजहबी झंडे"

वायरल वीडियो में क्या है? एक गणपति पंडाल के सामने दो लड़के हरा झंडा लहराते हुए नाच रहे हैं, ऊपर लाल पट्टी पर लिखा है - "मस्जिद के आगे DJ बर्दाश्त नहीं"

सच क्या है?

  • यह जगह है मुंबई के कमाठीपुरा का प्रसिद्ध पी.पी. मार्ग राजा गणेश मंडल
  • इस मंडल को पिछले 16 साल से यानी 2009 से एक मुस्लिम परिवार चलाता आ रहा है। मंडल के अध्यक्ष का नाम अब्बास खान है।
  • NDTV इंडिया ने खुद इस मंडल की स्टोरी दिखाई है - "कमाठीपुरा में हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक गणेश उत्सव" के तौर पर।
  • जहां गणपति खुद मुसलमान लगा रहे हैं, वहां अपमान कैसा? वीडियो में लड़के खुशी में नाच रहे हैं, कोई झगड़ा नहीं।


Verdict: MISLEADING - एकता के पंडाल को नफरत में बदला गया
Source: NDTV India - Kamathipura PP Marg Raja Ganesh Mandal, President Abbas Khan | Google Maps Location Verified

Case 2: बांग्लादेश - "गलती से मुस्लिम दुकान में घुसा हिंदू लड़का, मजहबियों ने तुलसी माला तोड़ की पिटाई"

वायरल वीडियो में क्या है? एक दुकान में कुछ लोग एक लड़के को पकड़ कर पीट रहे हैं, दावा किया जा रहा है कि हिंदू होने की वजह से तुलसी माला तोड़ी गई।

सच क्या है?

  • यह वीडियो बांग्लादेश का ही है, लेकिन कहानी पूरी तरह पलटी हुई है।
  • लड़का हिंदू नहीं, मुस्लिम है। BOOM Bangladesh और BOOMLive की जांच में सामने आया कि लड़के का नाम सोहेल है, पिता का नाम अब्दुल हक, यह नोआखली के मदरसे का छात्र है।
  • उसने खुद वीडियो में कलमा पढ़कर बताया कि वह मुसलमान है।
  • गले में तुलसी माला नहीं, ताबीज (Tabeez / Amulet) था। बाढ़ राहत बांटते वक्त मौलवी ने कहा कि इस्लाम में ताबीज पहनना मना है, इसलिए वह ताबीज काट रहे हैं। यह एक धार्मिक प्रैक्टिस थी।
  • इसी तरह का दूसरा पीटने वाला वीडियो (खंभे से बांधकर) Barisal का है, जहां चोरी के आरोप में दो मुस्लिम युवक मिथुन (20) और लिंकन (23) को पीटा गया था - Quint ने Barisal Police OC Zakir Hossain Sikder से कन्फर्म किया।


Verdict: FAKE - मुस्लिम छात्र को हिंदू बताया, ताबीज को तुलसी माला बताया
Source: BOOMLive - "Video Of Flood Relief Aid In Bangladesh Viral With Communal Spin" (3 Sept 2024) | The Quint WebQoof - "Hindu youth tortured in Bangladesh? No, Claim is False" | Rumour Scanner Bangladesh
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एक ही ID का पैटर्न

Report Bharat की प्रोफाइल खोलने पर पता चलता है कि 19.2 हज़ार पोस्ट में से ज्यादातर वीडियो में एक ही स्टाइल है - वही लाल-काली पट्टी, वही दाएं कोने पर लोगो, वही भड़काऊ कैप्शन।

मकसद साफ है - सामान्य वीडियो उठाओ, ऊपर नफरती टाइटल चिपका दो, और लाखों लोगों तक पहुंचा दो।

सवाल जो सिस्टम से पूछना है

जब हम जैसे छोटे पत्रकार 2 वीडियो का सच 2 घंटे में निकाल सकते हैं, तो Cyber Crime, पुलिस प्रशासन और सरकार के पास तो पूरी टीम और टूल्स हैं।

फिर 490K लोगों तक रोज़-रोज़ झूठ फैला कर देश में हिंदू-मुसलमान के बीच नफरत का माहौल बनाने वाली ऐसी ID पर IPC 153A, 295A और IT Rules के तहत कार्रवाई क्यों नहीं होती?

क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है?

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Disclaimer: यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों (NDTV, BOOM, The Quint) और वायरल वीडियो की पड़ताल पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि गलत सूचना को रोकना है।

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