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अमित शाह बनाम राहुल गांधी: बिहार चुनाव 2025 में तीखे बयानों की जंग


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💔 बिहार विधानसभा चुनाव 2025 !

दहशत की थार: गुना हत्याकांड पर विशेष रिपोर्ट - Times Watch

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बुधवार, 29 अक्टूबर, 2025 | बिहार, भारत | मूल्य: ₹5.00

🔥 बिहार चुनावी प्रचार में अमित शाह और राहुल गांधी ने एक-दूसरे पर कई तीखे हमले किए हैं, जिनसे दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। ा:

**विस्तार से जानिए किसने किसे क्या कहा और कौन भारी पड़**

अमित शाह के हमले और बयान अमित शाह ने महागठबंधन (Congress+RJD+Left) को 'ठगबंधन' बताया और आरोप लगाया कि इस गठबंधन का मकसद सिर्फ अपने-अपने बेटों को सत्ता में लाना है। उन्होंने कहा, "लालू प्रसाद चाहते हैं कि उनका बेटा तेजस्वी मुख्यमंत्री बने और सोनिया गांधी चाहती हैं कि उनका बेटा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने, लेकिन ये दोनों पद खाली नहीं हैं।उन्होंने कहा कि BJP ने बिहार में युवा नेताओं को टिकट दिया है, जबकि राजद और कांग्रेस सिर्फ परिवारवाद कर रहे हैं। "हमने कई युवाओं को मौका दिया, जबकि RJD और Congress ने बस अपने बेटों को बढ़ावा दिया है।"​"​

अमित शाह ने RJD प्रमुख लालू यादव के विरुद्ध फोडर, बिटुमिन, और जमीन के लिए नौकरी जैसे घोटालों का जिक्र किया, वही कांग्रेस के ऊपर ₹12 लाख करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।​ उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी हमला किया और कहा कि अगर कांग्रेस-राजद जीतता है तो प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन फिर सक्रिय हो सकते हैं, वहीं NDA सरकार ने इसे प्रतिबंधित किया है।​ शाह ने NDA की विकास परियोजनाओं को भी उजागर किया, जैसे दरभंगा में मेट्रो, AIIMS, हवाईअड्डा, और मिथिला में सीता मंदिर निर्माण। उन्होंने मैथिली भाषा को आधिकारिक दर्जा देने का भी जिक्र किया।।

राहुल गांधी के हमले और बयान राहुल गांधी ने BJP पर आरोप लगाया कि वह बिहार की सरकार को "रिमोट कंट्रोल" द्वारा चला रही है, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ एक मुखौटा हैं। “मैं तेजस्वी यादव से सहमत हूं कि बिहार सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है, केवल नीतीश कुमार का चेहरा दिखाया जा रहा है।”ी।

⚡ **राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया**

कि उन्होंने छठ पूजा के दौरान यूं ही वोट पाने के लिए पानी में डुबकी लेने का ड्रामा किया, जबकि वह पाईप से पानी मिला था।​ राहुल ने कहा कि BJP केवल करोड़पतियों के पक्ष में काम कर रही है, जिससे बिहार जैसे गरीब राज्य की बड़ी प्रतिभा और संसाधन बर्बाद हो रहे हैं। "यह दो भारत बन रहे हैं - एक आम लोगों के लिए और एक कुछ अरबपतियों के लिए।"।

उन्होंने सामाजिक न्याय के खिलाफ BJP की नीति को भी कटघरे में रखा, और जाति आधारित जनगणना कराने का वादा किया। साथ ही बिहार में युवा रोजगार बढ़ाने की योजना का समर्थन किया।​ राहुल ने बिहार की ऐतिहासिक गौरव और प्रवासी बिहारियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, और महागठबंधन के आने पर समावेशी सरकार बनाने का वादा किया।​ किसका प्रभाव अधिक? अमित शाह का हमला परिवारवाद, भ्रष्टाचार, और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर काफी तेज़ था, जिसमें उन्होंने विपक्ष की कमजोरियाँ उजागर कीं और NDA के विकास कार्यों को रेखांकित किया। राहुल गांधी ने BJP के शासन को गरीबों और युवाओं के खिलाफ करार दिया, और प्राकृतिक एवं सामाजिक असमानताओं को चुनाव मुद्दा बनाया। उन्होंने छठ पूजा के ड्रामे का उदाहरण देकर प्रधानमंत्री मोदी पर व्यंग्य किया, जो जनता के दिलों में अलग छाप छोड़ता दिखा। दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए, पर अमित शाह का 'थगबंधन' और भ्रष्टाचार का आरोप आम जनता के लिए सीधे और प्रभावी रहा, जबकि राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपनी बात मजबूती से रखी। इन दोनों के बीच की टकराहट पूरे बिहार चुनावी माहौल को धारदार बना रही है, जिससे आगामी चुनाव बहुत ही रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक दिखाई दे रहे हैं।।

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