📰 Times Watch देश दुनिया
बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 | शाम 6:40 IST
सच की आवाज़ • निर्भीक पत्रकारिता
ट्रम्प का रूस पर नया तेल प्रतिबंध, भारत से 'तेल बंद' का दावा — मोदी के 'कॉल' पर विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस की दो शीर्ष तेल कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए, भारत पर भी दबाव; नई दिल्ली ने कॉल का दावा खारिज किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों, रॉसनेफ्ट और लुकोइल, पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की और दावा किया कि भारत रूस से तेल खरीद धीरे-धीरे खत्म करने जा रहा है। ट्रम्प ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब उन्होंने भारत पर लगाए गए भारी शुल्कों (tariffs) को लेकर भी संकेत दिए हैं कि वे "अच्छे व्यवहार" की स्थिति में कम किए जा सकते हैं।
रूस पर ट्रम्प की पहली बड़ी कार्रवाई
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक यह कदम रूस के "यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए गंभीर प्रतिबद्धता की कमी" के जवाब में उठाया गया है। यह ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में रूस पर लगाया गया पहला बड़ा यूक्रेन-संबंधी प्रतिबंध है (Hindustan Times, BBC, Reuters)।
ट्रम्प ने वाइट हाउस की दिवाली समारोह के दौरान कहा — “मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है, और वह रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदेंगे। वह भी इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं।” उन्होंने Truth Social पर भी यह बयान साझा किया।
मोदी कॉल का विवाद — भारत ने कहा 'कोई बातचीत नहीं'
वहीं भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ट्रम्प के कॉल दावे को खारिज करते हुए कहा कि “बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच किसी भी तरह की फोन बातचीत नहीं हुई।” मंत्रालय ने बताया कि आखिरी बातचीत 9 अक्टूबर को गैज़ा शांति योजना पर हुई थी (Economic Times, Moneycontrol)।
इसके बावजूद ट्रम्प ने दोहराया कि “भारत बहुत अच्छा व्यवहार कर रहा है, और साल के अंत तक रूस से तेल आयात लगभग शून्य तक घटा देगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत अपनी नीति नहीं बदलेगा, तो “उसे भारी टैरिफ चुकाने होंगे।”
स्रोत: Hindustan Times, Economic Times, BBC, Reuters, Moneycontrol
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन भारत पर लगाए गए 50% तक के टैरिफ को घटाकर 15-16% तक लाने पर विचार कर रहा है, जो दोनों देशों के बीच एक नए व्यापार समझौते के साथ जुड़ा हुआ है (Reuters, Mint)।
विश्लेषकों का कहना है कि ये कदम संयुक्त रूप से रूस की ऊर्जा आपूर्ति को झटका देने और भारत को अमेरिकी व्यापार सहयोग की ओर आकर्षित करने की रणनीति के तहत उठाए जा रहे हैं।
© 2025 Times Watch News. सर्वाधिकार सुरक्षित।
निर्भीक • निष्पक्ष • सत्यनिष्ठ

Post a Comment