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Morning Edition | {{14 दिसंबर 2025}}
भारत में नफ़रत का नया रास्ता: मुसलमानों पर हमला करो, फेमस बनो, सत्ता के करीब जाओ
भारत में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती बर्बरता, भेदभाव और हिंसा पर कानून की चुप्पी। क्या आज नफ़रत फैलाना ही पहचान और सत्ता तक पहुँचने का सबसे आसान रास्ता बन गया है?
✍️ रिज़वान की क़लम से
यह किसी एक घटना की कहानी नहीं है।
यह उस माहौल की कहानी है, जिसमें
मुसलमान होना धीरे-धीरे
अपराध जैसा बना दिया गया है।
संविधान बराबरी की बात करता है, लेकिन ज़मीन पर बराबरी अक्सर लहूलुहान पड़ी नज़र आती है।
■ बर्बरता दिखती है, कानून नहीं
जब किसी मुसलमान को पीटा जाता है, जब उसकी पहचान पूछी जाती है, जब भीड़ सज़ा देने लगती है — तब सबसे ज़्यादा डर इस बात का नहीं होता कि भीड़ क्या कर रही है, बल्कि इस बात का होता है कि कानून कहाँ है?
FIR देर से, धाराएँ हल्की, और जवाब एक ही — “जांच चल रही है।”
■ नफ़रत अब सीढ़ी बन चुकी है
आज का भारत एक खतरनाक संदेश दे रहा है:
- अगर फेमस होना है — मुसलमानों को गाली दो
- अगर टीवी पर छाना है — मुसलमानों को दोषी ठहराओ
- अगर राजनीति में ऊपर जाना है — मुसलमानों के खिलाफ ज़हर उगलो
जितना बड़ा हमला, उतनी बड़ी पहचान। जितनी ज़्यादा नफ़रत, उतनी तेज़ राजनीतिक तरक्की।
■ सत्ता के लिए कुर्बानी का आसान शिकार
मुसलमानों के खिलाफ हिंसा पर सख़्त कार्रवाई करने के बजाय अक्सर चुप्पी साध ली जाती है।
यही चुप्पी हमलावरों को यह भरोसा देती है कि उन्हें डरने की ज़रूरत नहीं।
■ देशभक्ति का बदला हुआ मतलब
अब देशभक्ति का मतलब संविधान बचाना नहीं, बल्कि यह साबित करना बन गया है कि आप मुसलमानों से कितनी नफ़रत कर सकते हैं।
सवाल पूछना गुनाह, इंसाफ़ माँगना तुष्टिकरण, और मुसलमान का ज़िक्र करना अपने आप में अपराध।
■ मीडिया: प्रहरी नहीं, प्रोपेगैंडा
मीडिया का एक बड़ा हिस्सा सत्ता से सवाल करने की जगह भीड़ के मन की बात ज़ोर-ज़ोर से दोहराने लगा है।
नतीजा — आरोपी तय, फैसला तय, जांच सिर्फ औपचारिकता।
■ आज मुसलमान, कल कौन?
आज निशाने पर मुसलमान हैं। लेकिन इतिहास गवाह है — जब नफ़रत को खुली छूट मिलती है, तो वह किसी एक पर नहीं रुकती।
आज अगर हम चुप हैं, तो कल यह आग किसी और दरवाज़े पर होगी।
■ आख़िरी सवाल
क्या इस देश में मुसलमान की जान की कीमत सिर्फ एक वायरल पोस्ट भर रह गई है?
अगर कानून अब भी खामोश रहा, तो यह सिर्फ एक समुदाय की नहीं, पूरे लोकतंत्र की हार होगी।

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