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मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया, राहत टीमें तैनात; भारी बारिश और तेज़ तूफान का ख़तरा
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात मोन्था ने मंगलवार देर शाम लैंडफॉल शुरू किया, जिसकी तेज़ हवाएं 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह गंभीर चक्रवाती तूफान मछलीपट्टनम और काकिनाड़ा के बीच समुद्र तट से टकरा रहा है। इस दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
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| Credit To India Today |
प्रमुख अपडेट्स
चक्रवात मोन्था 90-110 किमी/घंटा की रफ्तार से तट से टकरा रहा है, जिसके कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की आशंका है।
NDRF और SDRF की टीमें आंध्र प्रदेश व ओडिशा में तैनात हैं, और संवेदनशील इलाकों से लोगों की सुरक्षित निकासी की जा रही है।
सरकार ने सात जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाया है और आमजन को घरों में ही रहने की अपील की गई है।
ओडिशा और आंध्र में रेड अलर्ट घोषित है, प्रशासन लगातार हालात की निगरानी और राहत कार्यों में जुटा है।
असर वाले इलाके
तटीय आंध्र प्रदेश: काकिनाड़ा, मछलीपट्टनम, विशाखापत्तनम, कृष्णा, गुंटूर और गोदावरी के पूर्व/पश्चिम जिले
ओडिशा के दक्षिणी जिले: गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट
तमिलनाडु के उत्तरी इलाके: चेन्नई सहित कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान
प्रशासनिक इंतज़ाम
करीब 30,000 लोगों का रेस्क्यू और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
30 ODRAF, 123 फायर सर्विस और 5 NDRF टीमें फील्ड में हैं, अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाई पर हैं।
आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय हैं, मेडिकल और राहत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
क्या करें-क्या न करें
तटीय क्षेत्र के लोग घर में ही रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें
प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, किसी आपात स्थिति में राहत नंबर पर संपर्क करें
समुद्र किनारे न जाएं और बिजली के पोल, पेड़ आदि से दूर रहें
यह चक्रवात अगले 3-4 घंटे तक अपना असर डाल सकता है, लिहाजा सतर्कता बेहद ज़रूरी है।

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