📰Times Watch - दम तोड़ते सच को बचाने की कोशिश,
25 अगस्त 2025
📰आज की बड़ी खबर,
“कहाँ है गुस्सा?” — इस्राइली हमले में 19 लोगों सहित 4 पतरकारों की मौत,
ग़ाज़ा के नासिर अस्पताल पर डबल-टैप स्ट्राइक, वैश्विक मीडिया संगठनों ने जताई कड़ी नाराज़गी
📍 ग़ाज़ा, 25 अगस्त 2025
ग़ाज़ा के दक्षिणी शहर खान यूनिस स्थित नासिर अस्पताल पर इस्राइल ने भीषण हवाई हमला किया। हमले में 15 से 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें चार पत्रकार भी शामिल हैं। यह हमला डबल-टैप स्ट्राइक था, यानी पहले मिसाइल दागी गई और फिर दूसरी मिसाइल उस वक्त जब पत्रकार और राहतकर्मी मौके पर मौजूद थे।
🕯️ मारे गए पत्रकार
- मरियम अबू दग्गा – (AP की फ़्रीलांस विज़ुअल जर्नलिस्ट, उम्र 33)
- मोहम्मद सलामा – (अल जज़ीरा)
- हुस्साम अल-मसरी – (Reuters कैमरामैन)
- मुअज़ अबू ताहा – (NBC)
इसके अलावा Reuters फ़ोटोग्राफ़र हतेम खालिद गंभीर रूप से घायल हुए।
✍️अंतर्राष्ट्रीय प्रतिकिर्या
- पलस्तीन पत्रकार संघ ने इसे “मीडिया पर खुला युद्ध” बताया।
- कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक ग़ाज़ा में 192 पत्रकार मारे जा चुके हैं।
- ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और यूक्रेन समेत 27 देशों ने बयान जारी कर पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की और अंतरराष्ट्रीय प्रेस को ग़ाज़ा में तत्काल प्रवेश देने को कहा।
❓कहाँ है गुस्सा?
इस्राइली हमलों में लगातार पत्रकारों की मौत के बावजूद बड़े देशों और वैश्विक मंचों पर सख़्त कार्रवाई या ठोस जांच का अभाव है। इसी कारण पत्रकार और मीडिया संगठन पूछ रहे हैं:
👉 “आख़िर दुनिया चुप क्यों है? कहाँ है ग़ुस्सा?”
📊आंकड़े एक नज़र में
मुद्दा | विवरण |
---|---|
हमला | नासिर अस्पताल, खान यूनिस (25 अगस्त 2025) |
मृतक | 15–19 लोग |
पत्रकार | 4 की मौत, 1 घायल |
कुल पत्रकार मौतें | अक्टूबर 2023 से अब तक ~192 |
वैश्विक प्रतिक्रिया | 27 देशों की निंदा, प्रेस फ़्रीडम संगठनों की जांच की मांग |
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