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"ChatGPT का दुरुपयोग: North Korea ने बनाए नकली मिलिट्री ID कार्ड"


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North Korea-linked *Kimsuky* ने *ChatGPT* का इस्तेमाल कर नकली मिलिट्री ID बनाई — साइबर सुरक्षा में नया खतरा
Genians की रिपोर्ट के अनुसार, यह deepfake दस्तावेज़ spear-phishing ईमेल में भेजे गए — जिसमें लिंक थे जो malware इंस्टॉल करवा सकते थे।

South Korean साइबर सिक्योरिटी कंपनी Genians ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स (जिसे सुरक्षा समुदाय में Kimsuky कहा जाता है) ने **ChatGPT** का इस्तेमाल कर एक नकली (deepfake) South Korean मिलिट्री पहचान-पत्र तैयार किया। यह दस्तावेज़ एक spear-phishing अभियान का हिस्सा था, जिसका मकसद लक्षित लोगों को भरोसा दिलाकर **malware** लिंक पर क्लिक कराना था। :contentReference[oaicite:0]{index=0}

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शोधकर्ता बताते हैं कि यह हमला विशेषतः पत्रकारों, शोधकर्ताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा था — जिनको प्राप्त हुए ईमेल में वैसा ही स्वर दिखता था जैसा किसी आधिकारिक सैन्य स्रोत से आता। ईमेल में दिखाई देने वाली आईडी कार्ड की छवि ने शिकारियों (targets) को आर्कषित करने का काम किया, जबकि वास्तविक लिंक्स malware इंस्टॉल कराने के लिए बनाए गए थे। :contentReference[oaicite:1]{index=1}

विशेषज्ञों का कहना है कि **AI-उपकरण** जैसे ChatGPT से नकली दस्तावेज़ बनाना पहले से आसान हो गया है — इसके चलते spear-phishing का स्तर और अधिक convincing बन गया है। Anthropic तथा अन्य सुरक्षा रिपोर्टों में भी AI के दुरुपयोग (resumes, IDs, fake profiles) के उदाहरण मिले हैं। यह एक ऐसा टर्निंग पॉइंट है जहाँ पारंपरिक साइबर सुरक्षा रणनीतियाँ फिर से परखने की ज़रूरत है। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

Genians ने बताया कि ईमेल में उपयोग किए गए मैलवेयर कुछ पुराने टैक्टिक्स (obfuscated scripts, AutoIt wrappers, आदि) को भी शामिल करता है — यानी हमला सिर्फ नई तकनीक नहीं बल्कि पुराने proven vectors का भी मिश्रण था। इससे यह जाहिर होता है कि ह्यकर समूह तकनीकी और रणनीतिक दोनों तरह से परिपक्व हैं। :contentReference[oaicite:3]{index=3}

इस घटना ने नीति-निर्माताओं और AI प्लेटफार्मों के लिए सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या AI सेवाएँ और उनके उपयोग को और कठोर निगरानी तथा misuse रोकने वाले safeguards की जरूरत है? OpenAI जैसी कंपनियों ने पहले भी कुछ खाते ब्लॉक किए हैं, पर सुरक्षा विश्लेषक कहते हैं कि राज्य-स्तरीय अटैक में जवाब देना और भी चुनौतीपूर्ण होगा। :contentReference[oaicite:4]{index=4}

क्या उपयोगकर्ता और संस्थाएँ क्या कर सकती हैं? — दक्षता बढ़ाने के लिए कुछ सुझाव: ईमेल में संदिग्ध attachments/links न खोलें; दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) अपनाएं; सभी संवेदनशील प्रणालियों पर endpoint सुरक्षा और threat-hunting टीम सक्रिय रखें; और AI-जनित दस्तावेज़ों की सत्यता पर अतिरिक्त सत्यापन (out-of-band verification) रखें।

नोट: रिपोर्टिंग स्रोतों में Genians की रिपोर्ट तथा Bloomberg, Business Insider और भारतीय Economic Times जैसी मीडिया रिपोर्ट्स इस घटना का सार प्रस्तुत करती हैं। :contentReference[oaicite:5]{index=5}

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15 सितंबर 2025 • इंडिया एडिशन

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